Narendra Modi
राष्ट्रसेवा के सच्चे साधक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और अंत्योदय की एक ऐसी विचारधारा दी, जिससे आज भी जनकल्याण की अद्भुत प्रेरणा मिलती है। आइए, इस विशेष अवसर पर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने का संकल्प दोहराएं।
यथा यथा प्रयत्नः स्याद्भवेदाशु फलं तथा।
इति पौरुषमेवास्ति दैवमस्तु तदेव च॥
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